नफरत एक ऐसा एहसास है, जो दिल में तब जन्म लेता है जब प्यार में दर्द और धोखा मिल जाता है। यह धीरे-धीरे इंसान के जज़्बातों को बदल देता है और रिश्तों की मिठास को कड़वाहट में बदल देता है। नफरत में भी एक गहरी सच्चाई छुपी होती है, जो हमें जिंदगी और लोगों की असलियत से रूबरू कराती है। अगर आप भी अपने दिल में छुपी नफरत और टूटे हुए जज़्बातों को शब्दों में बयां करना चाहते हैं, तो ये Nafrat Shayari in Hindi आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट हैं। यहाँ आपको कड़वे एहसासों, दर्द और सच्चाई से भरी शायरियाँ मिलेंगी, जो आपके दिल की गहराइयों को बखूबी व्यक्त करेंगी। इन शायरियों के जरिए आप अपने जज़्बातों को एक मजबूत और असरदार अंदाज़ में पेश कर सकते हैं और अपने अनुभवों को शब्दों में ढाल सकते हैं।
Nafrat Shayari in Hindi

नफरत हो जाएगी तुझे खुद से,
अगर मैं तेरे ही अंदाज में तुझसे बात करूँ।
अब नफरत भी क्या करें तुझसे,
तू तो इस काबिल भी नहीं कि तुझे याद करें।
सलीका ही नहीं था उसे प्यार करने का,
और हमें नफरत करना उसने सिखा दिया।

इतनी भी नफरत न कर मुझसे ऐ दोस्त,
कल को अगर मैं न रहूँ तो तुझे खुद से नफरत हो जाएगी।
हम नफरत भी उसी से करते हैं,
जिसे हमने कभी पागलों की तरह चाहा हो।
अब कोई उम्मीद नहीं है तुझसे वफा की,
तू अपनी फितरत बदल ले, यही सजा है तेरी।

दिल के अरमान आंसुओं में बह गए,
हम जिनसे प्यार करते थे, वही नफरत दे गए।
नफरत का अपना कोई वजूद नहीं होता,
ये तो बस प्यार की नाकामियों का नतीजा है।
तेरी यादों से नफरत होने लगी है अब,
क्योंकि ये मुझे अक्सर मेरी औकात दिखा देती हैं।
खत्म कर दिया हमने भी अब इंतज़ार का सिलसिला,
न अब तेरा प्यार चाहिए और न ही तेरा गिला।
Nafrat Shayari 2 Line Hindi

वही मिला मुझे इस सफर-ए-इश्क में,
जिसे मैं कभी अपना हमसफर कहता था।
कितनी अजीब है ये नफरत की आग भी,
जलती हमारे सीने में है और राख दूसरों को करती है।
मोहब्बत की किताब का पन्ना फाड़ दिया हमने,
जा अब तुझे अपनी यादों से भी निकाल दिया हमने।

इतनी नफरत भी मत पाल अपने दिल में,
कि आईना देखते वक्त तुझे खुद से डर लगने लगे।
हम वो नहीं जो नफरत को दिल में दबा कर रखें,
हम तो वो हैं जो चेहरे पर ही नफरत दिखा देते हैं।
खूबसूरत चेहरा और काली फितरत,
ऐसे ही लोगों से होती है मुझे सख्त नफरत।

तू क्या समझेगी इस दिल की बेबसी को,
तूने तो बस नफरत करना ही सीखा है।
दुआ है कि तुझे भी कभी प्यार हो जाए,
और फिर तुझे भी अपनी ही तरह कोई नफरत दे जाए।
अब लौट कर आने की जहमत मत करना,
क्योंकि हम अब नफरत के भी काबिल नहीं समझते तुम्हें।
प्यार की गहराई क्या थी ये तूने कभी जाना नहीं,
अब नफरत की हद देख, तुझे हमें पहचानना नहीं।
Pyar Se Nafrat Shayari in Hindi

मोहब्बत की तलाश में निकले थे हम,
मगर नफरत के सिवा कुछ हाथ न आया।
अब प्यार शब्द से ही चिढ़ होने लगी है,
जब से तेरे असली चेहरे से मुलाकात हुई है।
शौक नहीं था मुझे नफरत करने का,
मगर तेरे धोखे ने मजबूर कर दिया।

इश्क किया था तो इबादत समझकर,
नफरत करेंगे तो कयामत समझकर।
जिस प्यार पर कभी गुरूर हुआ करता था,
आज उसी प्यार को देखकर शर्म आती है।
दिल तोड़ने वाले तू क्या जानेगा दर्द-ए-दिल,
तूने तो बस प्यार का मुखौटा पहनना सीखा है।

कभी फुरसत मिले तो सोचना ज़रूर,
कि क्यों एक हंसते हुए इंसान को प्यार से नफरत हो गई।
अब न किसी का साथ चाहिए न किसी का प्यार,
हमें तो अपनी तन्हाई और इस नफरत से ही प्यार है।
तूने तो प्यार को एक खेल समझ लिया था,
मगर याद रख, नफरत का खेल बड़ा खतरनाक होता है।
जितनी शिद्दत से तुझे चाहा था इस दिल ने,
उतनी ही नफरत अब तेरी यादों से होने लगी है।
Nafrat Shayari in Hindi for Girl

तेरी सूरत से नहीं, तेरी फितरत से नफरत है,
मुझे अब तेरे होने के अहसास से भी नफरत है।
जा तुझे आजाद किया तेरी अपनी ही दुनिया में,
हमें अब तेरे झूठ और दिखावे से नफरत है।
सोचा था कि तू सबसे अलग होगी,
मगर तू भी उसी भीड़ का हिस्सा निकली।

तेरी मीठी बातों में जो जहर छुपा था,
उसे पहचानने में मैंने बहुत देर कर दी।
मुबारक हो तुझे तेरा नया सफर और नया साथी,
हमें तो अब तेरे नाम से भी नफरत होने लगी है।
वफा की उम्मीद करना ही मेरी सबसे बड़ी गलती थी,
तुझ जैसी लड़कियों की फितरत ही बेवफाई होती है।

अब आँखों में आंसू नहीं, सिर्फ नफरत की आग है,
तेरा दिया हुआ हर जख्म अब मेरा सबसे बड़ा दाग है।
तू मेरी ज़िंदगी का वो काला पन्ना है,
जिसे मैं फाड़कर फेंक देना चाहता हूँ।
खूबसूरती का क्या फायदा जब दिल में ही खोट हो,
तुझसे प्यार करना मेरी ज़िंदगी की सबसे बड़ी चोट हो।
अब अगर खुदा भी तुझे मेरे पास भेजे,
तो मैं खुदा से भी नफरत करना पसंद करूँगा।
Nafrat Shayari in Hindi Text

हमें नफरत मंजूर है पर दिखावे का प्यार नहीं,
क्योंकि हम धोखेबाजों के कभी तलबगार नहीं।
ज़िंदगी में सब कुछ करना बस किसी से झूठा प्यार मत करना,
क्योंकि नफरत सहना आसान है पर धोखा नहीं।
नफरत करना भी हर किसी के बस की बात नहीं,
इसके लिए भी एक बड़ा कलेजा चाहिए होता है।

अब हम अपनी ज़िंदगी को अपने हिसाब से जिएंगे,
तेरी यादों का ज़हर अब हम कभी नहीं पिएंगे।
दुनिया बहुत बड़ी है, तुझे तेरे जैसा कोई मिल ही जाएगा,
मगर मुझ जैसा पागल तुझे फिर कभी नज़र नहीं आएगा।
हमने तो दिल साफ रखा था हर किसी के लिए,
मगर लोगों ने उसे भी नफरत का अड्डा बना दिया।

अब न कोई शिकवा है और न ही कोई शिकायत,
जा तुझे भुला दिया हमने, यही है मेरी आखिरी इनायत।
इश्क के बाज़ार में हम तो नीलाम हो गए,
तेरी नफरत के चर्चे अब सरेआम हो गए।
प्यार और नफरत के बीच एक बारीक सी लकीर होती है,
तूने आज उस लकीर को भी पार कर दिया।
शुक्रिया तेरा मुझे हकीकत दिखाने के लिए,
वरना मैं तो तुझे अपनी तकदीर समझ बैठा था।
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