270+ Best Matlabi Rishte shayari in Hindi | मतलबी रिश्ते शायरी इन हिंदी

आज के दौर में रिश्तों की सच्चाई को समझ पाना आसान नहीं रहा, क्योंकि कई रिश्ते सिर्फ मतलब तक ही सीमित रह गए हैं। जब तक किसी का फायदा होता है, लोग साथ निभाते हैं, लेकिन जैसे ही जरूरत खत्म होती है, वही रिश्ते बदल जाते हैं। ऐसे मतलबी रिश्ते दिल को गहराई से चोट पहुंचाते हैं और इंसान को अंदर से तोड़ देते हैं। अगर आप भी ऐसे अनुभव से गुज़रे हैं और अपने जज़्बातों को शब्दों में बयां करना चाहते हैं, तो ये Matlabi Rishte Shayari in Hindi आपके लिए बिल्कुल सही हैं। यहाँ आपको सच्चाई से भरी, कड़वे अनुभवों को दर्शाने वाली और दिल को छू लेने वाली शायरियाँ मिलेंगी, जो आपको रिश्तों की असलियत से रूबरू कराएंगी। इन शायरियों के जरिए आप अपने दर्द, अनुभव और सच्चाई को एक गहरे और प्रभावशाली अंदाज़ में व्यक्त कर सकते हैं।

Matlabi Rishte shayari in Hindi

Matlabi Rishte shayari in Hindi

मतलब की दुनिया थी, इसलिए किनारा कर लिया,
अब हम अकेले ही भले, खुद का सहारा कर लिया।

चेहरे पर मुस्कान और दिल में खंजर रखते हैं,
आजकल के रिश्ते भी क्या खूब मंजर रखते हैं।

वक्त आने पर हाथ छोड़ने वाले बहुत मिले,
रिश्तों के नाम पर ज़ख्म देने वाले बहुत मिले।

Matlabi Rishte shayari in Hindi

जरूरत पड़ी तो याद किया, वरना पहचानते भी नहीं,
ये वो लोग हैं जो अपनों को मानते भी नहीं।

मतलब निकल गया तो वो अजनबी हो गए,
कल तक जो जान थे, आज ज़हर से भी बदतर हो गए।

कांच के टुकड़े और मतलबी रिश्ते एक जैसे हैं,
चोट ही देते हैं चाहे जितना भी संभाल कर रखो।

 

Matlabi Rishte shayari in Hindi

अब किसी से कोई शिकायत नहीं हमें,
क्योंकि उम्मीदें ही रिश्तों को कमज़ोर बनाती हैं।

भीड़ बहुत है दुनिया में पर अपना कोई नहीं,
मतलब के बिना यहाँ कोई सपना बुनता नहीं।

सलीका सीखा दिया मुझे बदलते हुए लोगों ने,
कि अब भरोसा खुद पर करना है ज़माने पर नहीं।

रिश्ते निभाने का हुनर अब खत्म सा हो गया,
सब मतलब के यार हैं, ये वहम भी खो गया।

Matlabi rishte shayari in hindi text

Matlabi rishte shayari in hindi text

मतलब की चादर ओढ़कर बैठे हैं यहाँ सब के सब,
ज़रूरत खत्म होते ही बदल जाते हैं लहजे और लब।

रिश्तों का वजूद अब सौदा हो गया,
जो जितना कीमती था, वो उतना ही मतलबी हो गया।

भीड़ बहुत है अपनों की पर अपना कोई नहीं,
बिना स्वार्थ के यहाँ रोता कोई नहीं।

Matlabi rishte shayari in hindi text

चेहरे पर वफ़ा और दिल में दगा रखते हैं,
आजकल के रिश्ते भी क्या अजीब नशा रखते हैं।

हम तो उनकी हर ज़रूरत में ढाल बने रहे,
पर हमारा वक्त आया तो वो अजनबी बने रहे।

कांच के टुकड़े और मतलबी रिश्ते एक जैसे हैं,
संभाल कर रखो तो भी ज़ख्म ही देते हैं।

Matlabi rishte shayari in hindi text

अब किसी से कोई शिकायत नहीं हमें,
क्योंकि हमने उम्मीदों का गला घोंट दिया है।

वक्त आने पर हाथ छोड़ना तो हुनर है उनका,
मतलब निकल जाने पर भूल जाना फितरत है उनकी।

दुआ करो कि किसी को किसी की ज़रूरत न पड़े,
क्योंकि ज़रूरत पड़ते ही रिश्ते बदल जाते हैं।

सलीका सीखा दिया मुझे इन बदलते लोगों ने,
कि अब भरोसा सिर्फ खुद की परछाई पर करना है।

Matlabi rishte shayari in hindi english

Matlabi rishte shayari in hindi english

ज़रूरत थी तो हम सब कुछ थे उनके,
मतलब निकल गया तो हम कुछ भी नहीं।

कांच के टुकड़े और मतलबी रिश्ते एक जैसे हैं,
संभाल कर रखो तो भी ज़ख्म ही देते हैं।

चेहरे पर वफ़ा और दिल में दगा रखते हैं,
आजकल के रिश्ते भी क्या अजीब नशा रखते हैं।

Matlabi rishte shayari in hindi english

वक्त आने पर हाथ छोड़ना हुनर है उनका,
काम निकल जाने पर भूल जाना फितरत है उनकी।

अब किसी से कोई शिकायत नहीं हमें,
क्योंकि हमने उम्मीदों का गला घोंट दिया है।

Zaroorat thi toh hum sab kuch the unke,
Matlab nikal gaya toh hum kuch bhi nahi.

Matlabi rishte shayari in hindi english

Kaanch ke tukde aur matlabi rishte ek jaise hain,
Sambhal kar rakho toh bhi zakhm hi dete hain.

Chehre par wafa aur dil mein daga rakhte hain,
Aajkal ke rishte bhi kya ajeeb nasha rakhte hain.

Waqt aane par haath chhodna hunar hai unka,
Kaam nikal jaane par bhool jaana fitrat hai unki.

Ab kisi se koi shikayat nahi humein,
Kyunki humne umeedon ka gala ghot diya hai.

Matlabi rishtedar shayari on life in hindi

Matlabi rishtedar shayari on life in hindi

खून के रिश्तों में भी अब मिलावट हो गई,
जरूरत खत्म हुई तो बनावट हो गई।

वो रिश्तेदार ही क्या जो वक्त पर काम आए,
अक्सर वही पहले हाथ छोड़ते हैं जो खास कहलाए।

दीवारों के भी कान होते हैं सुना था मैंने,
पर अपनों के ही मुँह पर ताले देखे हैं मैंने।

Matlabi rishtedar shayari on life in hindi

गैर तो फिर भी गैर थे, वो खैर मनाते रहे,
मगर अपने ही रिश्तों में ज़हर घोलते रहे।

काम निकल जाने पर जो अजनबी हो जाए,
खुदा बचाए ऐसे रिश्तेदारों की साये से।

मेरी तरक्की से जिन्हें सबसे ज्यादा जलन होती है,
वही रिश्तेदार आज सबसे ज्यादा करीब होते हैं।

Matlabi rishtedar shayari on life in hindi

नुक्स निकालने में जो माहिर होते हैं,
मुसीबत आने पर वही सबसे पहले गायब होते हैं।

खामोश हूँ तो इसे मेरी कमजोरी न समझना,
बस अपनों के असली चेहरे पहचानना सीख गया हूँ।

तमाशा बना दिया है रिश्तों का इस दुनिया ने,
हँसते हैं पीठ पीछे और दुआ देते हैं सामने।

अब रिश्तों की नुमाइश बंद कर दी हमने,
क्योंकि अपनों से ज्यादा गैरों में वफ़ा देखी हमने।

Rishte shayari in hindi 2 line

Rishte shayari in hindi 2 line

हजारों रिश्ते रखने से कोई फायदा नहीं,
एक ही निभाओ मगर दिल से निभाओ।

रिश्ते खून के नहीं एहसास के होते हैं,
अगर एहसास हो तो पराए भी अपने होते हैं।

डोर छोटी ही सही मगर मजबूत होनी चाहिए,
रिश्तों में दिखावा नहीं वफा होनी चाहिए।

Rishte shayari in hindi 2 line

झुकने से अगर रिश्ता बचता हो तो झुक जाओ,
पर याद रहे, हर बार तुम्हें ही न झुकना पड़े।

अजीब दस्तूर है इस मतलबी दुनिया का,
यहाँ लोग मिलते कम और बदलते ज्यादा हैं।

कांच और रिश्ते दोनों ही नाजुक होते हैं,
बस फर्क इतना है कि कांच गलती से और रिश्ते गलतफहमी से टूटते हैं।

Rishte shayari in hindi 2 line

सच्चा रिश्ता वही है जो वक्त के साथ न बदले,
बल्कि वक्त आने पर और गहरा हो जाए।

खामोशियां भी बोलती हैं उन रिश्तों में,
जहाँ समझने वाले दिल के करीब होते हैं।

रिश्ते निभाने के लिए हुनर नहीं,
बस एक साफ और सच्चा दिल चाहिए।

दूरियां मायने नहीं रखतीं सच्चे रिश्तों में,
अगर नीयत साफ हो तो यादें ही काफी हैं।

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